top of page

संत श्री चतुरदास जी महाराज मंदिर
WELCOME YOU BUTATI DHAM
देश में अन्य बीमारियों के साथ लकवा (Paralysis) रोग भी बड़ा रूप लेता जा रहा है। भारत में लाखों-करोड़ों की संख्या में लोग लकवा से पीड़ित हैं। वहीं रोग के आगे चिकित्सा विज्ञान भी कम असरदार है क्योंकि कुछ लोग चिकित्सा पद्धति के ज़रिए ठीक हो जाते हैं तो कुछ लोगों पर इसका कोई असर नहीं पड ़ता है। लेकिन राजस्थान में इस बीमारी के इलाज के लिए एक मंदिर बेहद प्रसिद्ध है। जहां केवल परिक्रमा करने से लकवाग्रस्त व्यक्ति ठीक हो जाता है
श्री चतुरदास जी महाराज
मान्यता है कि लगभग पांच सौ साल पहले संत चतुरदास जी का यहाँ पर निवास था। चारण कुल में जन्में वे एक महान सिद्ध योगी थे और अपनी सिद्धियों से लकवा के रोगियों को रोगमुक्त कर देते थे। आज भी लोग लकवा से मुक्त होने के लिए इनकी समाधी पर सात फेरी लगाते हैं। यहाँ पर देश भर से प्रतिवर्ष लाखों लकवा मरीज एवं अन्य श्रद्धालु विशेष रूप से एकादशी एवं द्वादशी के दिन आते है।
श्री चतुरदास जी की आरती
===========
मंदिर मे आरती का समय सुबह 5.30
ओर शाम को सुर्यस्थ के बाद 6.30 होती है मंदिर मे आने वाले सभी श्रद्धालु
को दोनो समय की आरती मे शामिल
होना जरूरी है
मंदिर कार्यालय
मंदिर मे आने वाले जो श्रद्धालु मंदिर मे सात दिनों तक रुकना चाहते है वह मंदिर कार्यालय मे अपना पंजीकरण करा ले पंजीकरण होने के बाद कुछ जरूरी समाने मंदिर कार्यालय की तरफ से मिलता है रूम व्यवस्था उपलब्ध होने पर ही मिलता है
bottom of page
